शिव मूर्ति के पास नाला निर्माण को लेकर शाहपुर में विवाद, धार्मिक संगठनों ने जताई आपत्ति,अधिशासी अधिकारी ने कहा निर्माण से नही होगी मंदिर को कोई हानि

शिव मूर्ति के पास नाला निर्माण को लेकर शाहपुर में विवाद, धार्मिक संगठनों ने जताई आपत्ति,अधिशासी अधिकारी ने कहा कि निर्माण से नही होगी मन्दिर को कोई भी हानि।


शाहपुर। कस्बे के मुजफ्फरनगर रोड पर नगर पंचायत द्वारा कराए जा रहे पक्के नाले के निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। कन्या इंटर कॉलेज के सामने सड़क किनारे स्थापित भगवान शिव की खड़ी प्रतिमा के पास नाला बनाए जाने पर धार्मिक संगठनों ने आपत्ति जताई है। योग साधना आश्रम बघरा के पीठाधीश्वर स्वामी यशवीर महाराज ने नगर पंचायत पर शिव मंदिर की नींव कमजोर करने और दूषित पानी से प्रतिमा को नुकसान पहुंचने की आशंका व्यक्त की है।
बताया जा रहा है कि मुजफ्फरनगर रोड पर पहले से एक कच्चा नाला बना हुआ था, जो शिव मूर्ति के पास से होकर बहता था। नगर पंचायत द्वारा उसी नाले को पक्के नाले के रूप में निर्माण कराया जा रहा है। करीब तीन दिन पूर्व नगर पंचायत ने शिव मंदिर के पीछे की ओर से नाले के निर्माण के लिए खुदाई कराई थी। इस पर कस्बे के धार्मिक संगठनों से जुड़े लोगों ने आपत्ति जताते हुए कार्य को रुकवा दिया था। विरोध के बाद नगर पंचायत ने कार्य रोकते हुए मंदिर के सामने की ओर से नाले की खुदाई शुरू कराई।
इसी मुद्दे को लेकर स्वामी यशवीर महाराज ने सोशल मीडिया पर नगर पंचायत पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मंदिर के पीछे और सामने दोनों ओर से खुदाई कराए जाने से शिव मंदिर की नींव कमजोर हो गई है, जिससे भविष्य में मंदिर को नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि मंदिर से सटाकर नाला बनाए जाने से गंदा पानी मंदिर परिसर में प्रवेश कर सकता है, जिससे शिव प्रतिमा के खंडित होने का खतरा है। स्वामी यशवीर महाराज ने कहा कि यह शिव मंदिर केवल कस्बावासियों की ही नहीं, बल्कि लाखों शिवभक्त कांवड़ियों की आस्था का केंद्र है। उन्होंने मंदिर की सुरक्षा के लिए शिव मूर्ति के सामने दोनों ओर दस-दस मीटर तक बंबा पाइप दबवाने की मांग की।


स्वामी यशवीर महाराज की पोस्ट का संज्ञान लेते हुए नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी आलोक रंजन मौके पर पहुंचे और नाला निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि कस्बे के नागरिकों की मांग पर ही मंदिर के पीछे से नाला निर्माण के लिए खुदाई कराई गई थी, लेकिन कुछ धार्मिक संगठनों के विरोध के चलते उस कार्य को तत्काल रोक दिया गया। उन्होंने कहा कि मंदिर के पीछे की गई खुदाई को मिट्टी से भरवा दिया गया है।
ईओ आलोक रंजन ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में मंदिर के सामने से ही नाला निर्माण कराया जा रहा है और यह निर्माण पूरी तरह मानकों के अनुरूप आरसीसी से किया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नाला निर्माण से शिव मंदिर या प्रतिमा को किसी प्रकार की कोई हानि नहीं होने दी जाएगी। ईओ ने कहा कि नाले की डिजाइन इस प्रकार तैयार की गई है कि गंदा पानी किसी भी स्थिति में शिव मंदिर को स्पर्श नहीं करेगा।


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