सेवानिवृत्त सूबेदार वीरपाल सिंह की रस्म तेहरवीं में उमड़ा जनसैलाब,पूर्व सैनिकों सहित क्षेत्रवासियों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

सेवानिवृत्त सूबेदार वीरपाल सिंह की रस्म तेहरवीं में उमड़ा जनसैलाब,पूर्व सैनिकों सहित क्षेत्रवासियों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

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शाहपुर।क्षेत्र के गांव सोरम निवासी सेवानिवृत्त सूबेदार वीरपाल सिंह की रस्म तेहरवीं के अवसर पर शोक एवं श्रद्धा का वातावरण देखने को मिला। इस अवसर पर क्षेत्र के लोगों के साथ-साथ अन्य जनपदों से आए ग्रामीणों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों ने पहुंचकर दिवंगत सूबेदार को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उपस्थित लोगों ने उनके चित्र के समक्ष पुष्प अर्पित कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
गौरतलब है कि सेवानिवृत्त सूबेदार वीरपाल सिंह का बीते दिनों निधन हो गया था। उनकी रस्म तेहरवीं में गांव सोरम सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में उनके साथ सेना में सेवाएं दे चुके अनेक सेवानिवृत्त सैनिक भी उपस्थित रहे, जिन्होंने उनके साथ बिताए संस्मरण साझा करते हुए उनके व्यक्तित्व को याद किया।

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    सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद सूबेदार वीरपाल सिंह ने गांव में रहकर सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई। वह गांव की शिव दुर्गा मंदिर समिति से जुड़े रहे तथा लंबे समय तक शुक्रताल स्थित सेन समाज की धर्मशाला के प्रधान पद पर भी रहे। उनके कार्यकाल में धर्मशाला का जीर्णोद्धार कराया गया और कई निर्माण कार्य उनकी देखरेख में सफलतापूर्वक संपन्न हुए, जिससे समाज को स्थायी लाभ मिला।
    श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए उनके साथ सेना में कार्य कर चुके कैप्टन तेजपाल सिंह ने कहा कि सूबेदार वीरपाल सिंह नारियल जैसे व्यक्तित्व के धनी थे—बाहर से कठोर प्रतीत होने वाले, किंतु भीतर से अत्यंत कोमल हृदय और संवेदनशील इंसान। उन्होंने सेना में रहते हुए अपने अधीनस्थों का सदैव ध्यान रखा तथा अपने से कनिष्ठ सैनिकों को प्रेमपूर्वक समझाकर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
    वहीं गांव के चौधरी सत्यवीर (सेक्रेटरी) ने उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सूबेदार वीरपाल सिंह एक ईमानदार, कर्तव्यनिष्ठ और समाजसेवी व्यक्ति थे। उन्होंने अपने जीवनकाल में ईमानदारी की एक अलग पहचान बनाई। उनकी देखरेख में हुए सभी कार्य पूर्ण निष्ठा एवं पारदर्शिता के साथ संपन्न हुए। उनके निधन से समाज को अपूरणीय क्षति हुई है।
    रस्म तेहरवीं के अवसर पर विधिवत हवन-पूजन संपन्न हुआ तथा पगड़ी की रस्म उनके ज्येष्ठ पुत्र विजेंद्र सिंह को निभाई गई। दिवंगत सूबेदार वीरपाल सिंह अपने पीछे दो पुत्रों का हरा भरा परिवार छोड़ गए हैं। उनकी धर्मपत्नी का देहांत पूर्व में हो चुका है, जबकि उनके ज्येष्ठ पुत्र हाल ही में भारतीय सेना से सूबेदार पद से सेवानिवृत्त होकर लौटे हैं।
    इस अवसर पर सोरम के पूर्व प्रधान सुधीर चोधरी, भाकियू ग्राम अध्यक्ष विकास बालियान, डॉ लोकेंद्र बालियान, ऋषिपाल बालियान, प्रधान सोरम करणवीर सिंह, सूबेदार हरवीर सिंह, चौधरी ज्ञानेंद्र सिंह मंसूरपुर, संजय सिंह पचेन्दा,प्रदेश प्रभारी जन सेवा दल हरेंद्र सिंह, विजयपाल सिंह खतौली, राकेश कुमार मेरठ, रवि कुमार, नरेंद्र सिंह, मास्टर ऋषिपाल सिंह, सत्येंद्र कुमार, प्रमोद कुमार, सुक्रमपाल,कदम सिंह, रामनिवास सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे और सभी ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की।

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