
अलंकार अग्निहोत्री की टिप्पणी पर नाराजगी, अशोक बालियान ने बयान को बताया आपत्तिजनक
अलंकार अग्निहोत्री की टिप्पणी पर नाराजगी, अशोक बालियान ने बयान को बताया आपत्तिजनक

शाहपुर। पूर्व पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री द्वारा सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी को लेकर प्रतिक्रिया सामने आने लगी है। पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन अशोक बालियान ने उनके बयान को बेहद आपत्तिजनक बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है।
अशोक बालियान ने जारी बयान में कहा कि पूर्व पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने बदायूं में हिंदुस्तान पेट्रोलियम (एचपीसीएल) के बायोगैस प्लांट में हुए हत्याकांड को लेकर अपनी फेसबुक पोस्ट में इसे जातिवादी सरकारी तंत्र द्वारा प्रायोजित हत्या बताया है। साथ ही उन्होंने यह भी लिखा कि जितनी हत्याएं मुगल काल में ब्राह्मणों की नहीं हुई होंगी, उससे अधिक हत्याएं वर्तमान सरकार में हो चुकी हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने सजातीय सांसदों और विधायकों को भी ब्राह्मण कुल का कलंक बताया है।
अशोक बालियान ने कहा कि इस प्रकार की टिप्पणी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और समाज को बांटने वाली है। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज ने हमेशा सनातन धर्म की परंपराओं, ज्ञान-संस्कृति और धार्मिक मूल्यों को सहेजने और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इतिहास इस बात का साक्षी है कि जब भी किसी ने सनातन समाज की एकता को तोड़ने का प्रयास किया है, तब ब्राह्मण समाज ने उसका समर्थन नहीं किया, चाहे वह व्यक्ति उसी समाज से ही क्यों न जुड़ा हो।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक मंचों और सोशल मीडिया पर इस तरह के बयान देना न केवल अनुचित है बल्कि इससे समाज में अनावश्यक वैमनस्य फैलने की आशंका भी बढ़ जाती है। ऐसे वक्तव्य हिंदू समाज की एकता को कमजोर करने का कार्य करते हैं और उन शक्तियों को भी लाभ पहुंचाते हैं जो सनातन परंपरा और संस्कृति के विरोध में कार्य करती रही हैं।
अशोक बालियान ने कहा कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश की सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की नीति पर काम कर रही है और प्रदेश में कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने पूर्व पीसीएस अधिकारी से अपील की कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों को इस प्रकार के विवादित और समाज को विभाजित करने वाले बयान देने से बचना चाहिए, ताकि सामाजिक सौहार्द और एकता बनी रह सके।











