
भगवान आदिनाथ के जन्म कल्याणक पर जैन समाज ने किया अभिषेक व भक्तामर स्त्रोत का पाठ
- भगवान आदिनाथ के जन्म कल्याणक पर जैन समाज ने किया अभिषेक व भक्तामर स्त्रोत का पाठ

शाहपुर। कस्बे में सकल जैन समाज के श्रद्धालुओं ने जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ के जन्म कल्याणक के अवसर पर श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ विविध धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए। इस अवसर पर श्री जी का अभिषेक, शांति धारा तथा श्री भक्तामर स्त्रोत का विधि-विधान से पाठ किया गया।
कस्बे के अतिश्यकारी श्री दिगंबर जैन पदम प्रभु जिनालय में यह कार्यक्रम बड़े ही भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम देवलोकगामी, सराकोद्धारक आचार्य ज्ञान सागर महाराज की परम शिष्या आर्यिका रत्न सुज्ञानमति माताजी एवं दयामती माताजी के परम आशीर्वाद तथा ब्रह्मचारिणी बहन रेखा दीदी व सरिता दीदी के पावन सानिध्य में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान आदिनाथ के मंगल अभिषेक और विशेष पूजन से हुई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने भगवान की शांति धारा कर सुख-समृद्धि की कामना की। शांति धारा का सौभाग्य धनेंद्र जैन, वैभव जैन को प्राप्त हुआ, जबकि दीप प्रज्वलन अमित जैन पेंट वालों ने किया। मंगल कलश की स्थापना प्रदीप जैन व श्रेणिक जैन द्वारा की गई। तत्पश्चात श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से श्री भक्तामर स्त्रोत का श्रद्धापूर्वक पाठ किया।
इस अवसर पर ब्रह्मचारिणी बहन रेखा दीदी ने प्रवचन देते हुए कहा कि जैन धर्म का मूल सिद्धांत “जियो और जीने दो” है। जैन धर्म ने संपूर्ण विश्व को अहिंसा का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि विश्व में हो रहे युद्ध मानवता के लिए घातक हैं और सभी देशों को संयम के साथ वसुधैव कुटुंबकम की भावना अपनाते हुए आपसी भाईचारे के साथ रहना चाहिए। उन्होंने समाज के लोगों से भगवान आदिनाथ के जीवन से प्रेरणा लेकर अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह और करुणा जैसे मूल सिद्धांतों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का संचालन अमित जैन पेंट वालों ने किया। इस अवसर पर मदन लाल जैन, राकेश जैन, ललित जैन, हर्षित जैन, अमित जैन ग्रोविल, अभिषेक जैन, उमंग जैन, पुनीत जैन व संदीप जैन लोहे वाले सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे।











