
एक्स-मुस्लिम यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर जानलेवा हमला: हमलावर कट्टरपंथी संगठनों से जुड़े थे – अशोक बालियान
एक्स-मुस्लिम यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर जानलेवा हमला: हमलावर कट्टरपंथी संगठनों से जुड़े थे – अशोक बालियान
मुजफ्फरनगर, 06 मार्च 2026।

गाजियाबाद निवासी एक्स-मुस्लिम यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर 27 फरवरी 2026 को हुए जानलेवा हमले को लेकर पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन अशोक बालियान ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जानकारी और पुलिस की जांच से संकेत मिलते हैं कि इस हमले के पीछे कट्टरपंथी धार्मिक विचारधारा से प्रभावित लोग शामिल थे।
अशोक बालियान ने कहा कि सलीम वास्तिक पिछले कुछ समय से अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर धर्म, कुरान, हदीस तथा मुस्लिम समाज में प्रचलित कुछ परंपराओं जैसे हलाला और तीन तलाक जैसे विषयों पर सवाल उठाते हुए वीडियो साझा कर रहे थे। उनके इन वीडियो और बयानों से कुछ कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़े लोग नाराज थे, जिसके कारण उनके खिलाफ नफरत का माहौल बनाया गया।
उन्होंने बताया कि इस हमले में शामिल दोनों हमलावरों की पहचान जीशान और गुलफाम के रूप में हुई है, जो अब मारे जा चुके हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच में यह भी सामने आया है कि जीशान कथित रूप से एक कट्टरपंथी संगठन ‘मुस्लिम आर्मी मेहदी मॉडरेटर’ से जुड़ा हुआ था और मजहबी विचारधारा से प्रभावित था। इसके अलावा वह टेलीग्राम पर सक्रिय एक कट्टरपंथी ग्रुप का भी सदस्य बताया जा रहा है, जिसमें लगभग 20 हजार सदस्य जुड़े हुए हैं।
पुलिस का कहना है कि इस ग्रुप में अक्सर ऐसे संदेश और वीडियो साझा किए जाते थे जो युवाओं को कट्टरपंथ की ओर प्रेरित करते हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी आशंका जताई गई है कि एक पाकिस्तानी यूट्यूबर द्वारा सोशल मीडिया पर की गई कथित अपील भी इस हमले की वजह बन सकती है। माना जा रहा है कि इस अपील से प्रभावित होकर हमलावरों ने सलीम वास्तिक को निशाना बनाया।
इस मामले में एक और विवाद तब सामने आया जब हमलावरों के पिता का बयान सार्वजनिक हुआ। उन्होंने कथित रूप से कहा कि इस्लामी शासन में इस्लाम छोड़ने वाले व्यक्ति को मौत की सजा दी जाती है और यह टिप्पणी सलीम वास्तिक के संदर्भ में की गई। इस बयान को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। लोगों का कहना है कि इस तरह के बयान समाज में तनाव और उकसावे का कारण बन सकते हैं।
अशोक बालियान ने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक और संवैधानिक देश है, जहां हर नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और अपनी आस्था चुनने का अधिकार प्राप्त है। किसी भी व्यक्ति पर केवल उसके विचारों या धर्म परिवर्तन के कारण हमला करना कानून के खिलाफ है और इसे किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने सरकार और सुरक्षा एजेंसियों से मांग की कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय ऐसे कट्टरपंथी नेटवर्क और समूहों पर सख्ती से नजर रखी जाए जो युवाओं को भड़काने और हिंसा के लिए प्रेरित करने का काम करते हैं।
अंत में अशोक बालियान ने समाज से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि देश में कानून का शासन सर्वोपरि है। किसी भी प्रकार की असहमति या मतभेद को हिंसा के बजाय संवाद और संवैधानिक तरीकों से सुलझाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में शांति, सहिष्णुता और कानून व्यवस्था बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।











