गणतंत्र दिवस पर सोरम गांव में विशाल निशुल्क चिकित्सा एवं रक्तदान शिविर, 77 रक्तवीरों ने किया रक्तदान
गणतंत्र दिवस पर सोरम गांव में विशाल निशुल्क चिकित्सा एवं रक्तदान शिविर, 77 रक्तवीरों ने किया रक्तदान

शाहपुर। गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर क्षेत्र के गांव सोरम में पूर्व प्रधान चौधरी शिवचरण सिंह के आवास पर एक विशाल निशुल्क चिकित्सा एवं रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विभिन्न रोगों के विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा सैकड़ों ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें निशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराई गईं। कार्यक्रम में ग्रामीणों की भारी सहभागिता देखने को मिली।
सोमवार को आयोजित इस शिविर में फिजिशियन, शल्य चिकित्सक, स्त्री रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ एवं दंत रोग विशेषज्ञ डॉक्टरों ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। सुबह से ही मरीजों की लंबी कतारें लग गईं और पूरे दिन उपचार का सिलसिला चलता रहा। ग्रामीणों ने विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श लेकर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का समाधान पाया।

इस अवसर पर पूर्व प्रधान चौधरी शिवचरण सिंह ने कहा कि “नर सेवा ही नारायण सेवा है और रक्तदान अपने आप में महादान है। ऐसे आयोजनों से न केवल जरूरतमंद लोगों को राहत मिलती है, बल्कि समाज में सेवा और सहयोग की भावना भी मजबूत होती है। गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर सेवा कार्य करना हम सभी के लिए गर्व की बात है।” उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहेगा।

शिविर में शल्य चिकित्सक डॉ. गौरव निर्वाल ने लगभग 650 मरीजों की जांच कर उपचार किया। डॉ विकास कुमार ने 175 मरीजो,बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आशीष बालियान ने 263 बच्चों का उपचार किया, जबकि दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. वासु तायल ने करीब 200 मरीजों की दंत जांच की। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. नीति चतुर्वेदी ने 177 महिलाओं का परीक्षण किया। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. रोहित गोयल ने लगभग 300 मरीजों की आंखों की जांच की तथा हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अरविंद मोंगा ने करीब 225 मरीजों का उपचार किया। शिविर में सभी मरीजों को आवश्यक दवाइयां पूर्णतः निशुल्क वितरित की गईं।

रक्तदान शिविर में युवाओं और ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कुल 77 रक्तवीरों ने रक्तदान कर एक सराहनीय कीर्तिमान स्थापित किया। रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित भी किया गया। आयोजन में समाजसेवियों, ग्रामीणों एवं स्वयंसेवकों का उल्लेखनीय सहयोग रहा।











