बरसात के पानी से भरे गड्ढे में डूबने से 11 वर्षीय बालक की मौत, गांव सोरम में पसरा मातम

बरसात के पानी से भरे गड्ढे में डूबने से 11 वर्षीय बालक की मौत, गांव सोरम में पसरा मातम


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शाहपुर। क्षेत्र के ऐतिहासिक गांव सोरम में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। गांव निवासी विक्की प्रसाद के 11 वर्षीय पुत्र आरव उर्फ अर्पित की बरसात के पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
जानकारी के अनुसार, आरव उर्फ अर्पित अपने फूफेरे भाई किट्टू तथा मोहल्ले के अन्य बच्चों के साथ गांव के बाहर ईदगाह के निकट स्थित एक ईंट भट्ठे की पथेर की भूमि पर बरसात के पानी में नहाने के लिए गया था। लगातार हो रही बारिश के कारण वहां कच्ची ईंट बनाने के लिए खोदी गई भूमि में गहरा पानी भर गया था। बच्चे उसी पानी में नहा रहे थे कि अचानक आरव का पैर फिसल गया और वह गहरे गड्ढे में जा गिरा। गहराई अधिक होने के कारण वह पानी में डूबने लगा।

आरव को डूबता देख उसके साथ मौजूद बच्चों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। बच्चों की आवाज सुनकर वहां से गुजर रहे राहगीर मौके पर पहुंचे और तत्काल गांव में सूचना दी। सूचना मिलते ही दर्जनों ग्रामीण और परिजन घटनास्थल पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए पानी में उतरकर बच्चे की तलाश शुरू की और काफी प्रयास के बाद उसे बाहर निकाल लिया।
इसके बाद परिजन और पुलिस बच्चे को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शाहपुर लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल में मौजूद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी गजेंद्र सिंह भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और परिजनों से घटना की जानकारी ली।
मृतक के पिता विक्की प्रसाद ने बताया कि आरव घर से दूध लेने जाने की बात कहकर निकला था, लेकिन रास्ते में वह मोहल्ले के अन्य बच्चों के साथ बरसात के पानी में नहाने चला गया। उन्होंने बताया कि वह स्वयं ईंट भट्ठे पर मजदूरी करते हैं। आरव कुछ समय से अपने मामा के गांव बछोड़ (जनपद बागपत) में रहकर पढ़ाई कर रहा था, जहां उसने कक्षा पांच तक की शिक्षा प्राप्त की थी। करीब दो माह पहले ही वह उसे वापस सोरम लेकर आए थे और इस वर्ष उसका कक्षा छह में प्रवेश कराने की तैयारी कर रहे थे।
परिजनों के अनुसार, आरव तीन भाइयों और तीन बहनों में एक था। उसकी असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव के लोगों ने भी इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया।
परिजनों ने बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए शव का पंचायतनामा भरकर उसे अंतिम संस्कार के लिए परिजनों के सुपुर्द कर दिया। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और हर कोई मासूम आरव की असमय मौत से स्तब्ध है।


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