
बिजली के खंभे में उतरे करंट से घोड़े की मौत, गरीब परिवार की आजीविका पर संकट
बिजली के खंभे में उतरे करंट से घोड़े की मौत, गरीब परिवार की आजीविका पर संकट

शाहपुर । कस्बे के मोहल्ला सेनियान निवासी लोकेश प्रजापत् पुत्र राम भजन की आजीविका का एकमात्र साधन घोड़ा-बग्गी मंगलवार को विद्युत विभाग की लापरवाही की भेंट चढ़ गया। गांव गढ़ी बहादुरपुर में करंट उतरने से घोड़े की दर्दनाक मौत हो गई, जिससे गरीब परिवार के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। घटना के बाद ग्रामीणों में विद्युत विभाग के प्रति भारी रोष व्याप्त है। लोकेश प्रजापत् ने बताया कि वह प्रतिदिन की भांति मंगलवार को भी अपने घोड़ा-बग्गी को लेकर किसी कार्य से गांव गढ़ी बहादुरपुर गया था। गली से गुजरते समय सामने से आ रहे दूसरे वाहन को बचाने के प्रयास में उसने घोड़ा-बग्गी को एक ओर किया। इसी दौरान पास में खड़े लोहे के बिजली के खंभे से घोड़ा टच हो गया। खंभे में करंट उतरने के कारण घोड़े को तेज झटका लगा और वह तड़पते हुए मौके पर ही गिर पड़ा। बिजली के जोरदार झटकों से घोड़े ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।
घटना होते ही मौके पर शोर-शराबा मच गया और आसपास के ग्रामीण इकट्ठा हो गए। लोगों ने बिजली के खंभे में करंट उतरने को घोर लापरवाही बताते हुए विद्युत विभाग के विरुद्ध नाराजगी जाहिर की। सूचना मिलने पर जिला पंचायत सदस्य विजय चौधरी, कस्बे के प्रमुख समाजसेवी अरविंद पाल तथा वार्ड 24 के भावी जिला पंचायत सदस्य डॉ. लोकेंद्र बालियान मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस विभाग व विद्युत विभाग को सूचना देकर अधिकारियों को घटनास्थल पर बुलवाया।
जिला पंचायत सदस्य विजय चौधरी ने प्रशासनिक अधिकारियों से पीड़ित गरीब परिवार को शीघ्र मुआवजा दिए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि लोकेश की आजीविका का एकमात्र साधन घोड़ा-बग्गी था और घोड़े की मौत से उसके परिवार के पालन-पोषण पर संकट आ गया है। यह घटना विद्युत विभाग की गंभीर लापरवाही का परिणाम है, जिसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए।
पीड़ित लोकेश प्रजापत् ने थाने में तहरीर देकर विद्युत विभाग के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है। घोड़े का पोस्टमार्टम कराए जाने के बाद उसके मालिक द्वारा अंतिम संस्कार कर दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि गनीमत रही कि घोड़ा-बग्गी का चालक सुरक्षित बच गया, अन्यथा वह भी करंट की चपेट में आकर जान गंवा सकता था। घटना के बाद से क्षेत्र के ग्रामीणों में विद्युत विभाग के प्रति भारी आक्रोश बना हुआ है और वे भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाने की मांग कर रहे हैं।











