
संतों के मंगल प्रवेश से शाहपुर में धर्म और संस्कारों का संदेश
संतों के मंगल प्रवेश से शाहपुर में धर्म और संस्कारों का संदेश
शाहपुर।
जैन संत सुनील मुनि जी महाराज ने कहा कि संतों का प्रवास समाज को जाग्रत करने, आत्मचिंतन की प्रेरणा देने और सदाचार के मार्ग पर अग्रसर करने का कार्य करता है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से मोबाइल फोन के अत्यधिक प्रयोग से बचने तथा अपने जीवन में संस्कारों को अपनाने का आह्वान किया।
कस्बे के मोहल्ला महाजनान स्थित जैन स्थानक में बृहस्पतिवार को जैन संत श्री सुदर्शन लाल जी महाराज के शिष्य श्री सुनील मुनि जी महाराज का ससंघ मंगल प्रवेश हुआ। मुनि संघ ने गांव तावली स्थित जैन मंदिर से पद विहार करते हुए शाहपुर में प्रवेश किया। जैन स्थानक पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से संतों का स्वागत किया।
मंगल प्रवेश के पश्चात जैन संत सुनील मुनि जी महाराज ने अपने मंगल उपदेश में कहा कि आज का मानव भौतिक सुख-सुविधाओं की दौड़ में नैतिक मूल्यों से दूर होता जा रहा है। ऐसे समय में धर्म ही मनुष्य को सही दिशा और जीवन का वास्तविक उद्देश्य समझाने का माध्यम बन सकता है। उन्होंने कहा कि संतों का सान्निध्य समाज में संयम, सदाचार और आत्मिक शांति का वातावरण बनाता है।
इस अवसर पर जैन संत वीरेंद्र मुनि जी महाराज ने अपने प्रवचन में अहिंसा, सत्य, संयम, त्याग और करुणा के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अहिंसा केवल शारीरिक नहीं, बल्कि मन, वचन और कर्म से भी होनी चाहिए। द्वेष, क्रोध और ईर्ष्या का त्याग कर ही सच्ची शांति प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने संयमित जीवन को आत्मिक उन्नति का आधार बताया।
जैन संत अर्हम मुनि जी महाराज ने भजनों के माध्यम से प्रभु की आराधना कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इस अवसर पर संजीव जैन, नितिन जैन, पारस जैन, शुभम जैन, रजत जैन, ऋषभ जैन, अरिहंत जैन, नवीन जैन, हर्षित जैन सहित बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालु उपस्थित रहे।











