
सोरम सर्वखाप सम्मेलन में उमड़ा जनसैलाब, उपमुख्यमंत्री व दर्जनों खाप चौधरियों ने की भागीदारी
सोरम सर्वखाप सम्मेलन में उमड़ा जनसैलाब, उपमुख्यमंत्री व दर्जनों खाप चौधरियों ने की भागीदारी

शाहपुर। सर्व समाज सर्वखाप के सातवें सम्मेलन के दूसरे दिन सोमवार को सोरम की ऐतिहासिक धरती पर अभूतपूर्व भीड़ उमड़ पड़ी। हजारों लोगों और दर्जनों खाप चौधरियों की मौजूदगी में हुई यह ऐतिहासिक सरदारी पंचायत सामाजिक सुधार और परंपराओं की मजबूती का बड़ा मंच बनी। सम्मेलन की अध्यक्षता चौधरी भूप सिंह हरियाणा ने तथा संचालन वरिष्ठ खाप विचारक ओमदत्त आर्य ने किया। समाज से कुरीतियों को खत्म करने, सुधार लागू करने और हिंदू मैरिज एक्ट में आवश्यक संशोधन की मांग प्रमुख रही।

सुबह जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री चौधरी सुरेंद्र सिंह हेलीकॉप्टर से सोरम पहुंचे, जहाँ भाकियू प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत और सर्वखाप मंत्री चौधरी सुभाष बालियान ने उनका शाल ओढ़ाकर स्वागत किया। सोरम चौपाल पर उन्हें पुलिस बल ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। वरिष्ठ चौधरी राजपाल सिंह ने चौपाल का इतिहास बताया। परंपरा अनुसार उपमुख्यमंत्री ने चौधरी सोहन्द्र सिंह के घर पहुंचकर हुक्का पीकर सम्मान ग्रहण किया।




पंचायत में खाप चौधरियों ने उपमुख्यमंत्री को पगड़ी पहनाकर और चौपाल का चित्र भेंट कर सम्मान किया। पंजाब के प्रतिनिधियों ने चौधरी राकेश टिकैत को तलवार भेंट की। सभी खाप चौधरियों को पगड़ी और स्मृति चिह्न प्रदान किए गए।

सभा को संबोधित करते हुए डिप्टी सीएम सुरेंद्र सिंह ने कहा, “सोरम में जितनी बड़ी सरदारी बैठी है, वही असली हिंदुस्तान है। यहाँ कोई धर्म का भेद नहीं—सिर्फ सच्चा हिंदुस्तानी।” उन्होंने सामाजिक बुराइयों पर चिंता जताते हुए कहा कि सोरम से निकले निर्णय समाज की दिशा तय करते हैं। उन्होंने चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की विरासत को नमन किया और कहा—
“पगड़ी संभाल जट्टा… आज अपनी एकता और संस्कारों को बचाने का समय है।”

कार्यक्रम में पहुंचे उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि गांवों की परंपरा सामूहिक सहभागिता से जीवित रहती है और यही समाज में उत्साह का कारण है। उन्होंने कहा कि समाज की परंपराओं को आगे बढ़ाने और कुरीतियों को दूर करने का काम पंचायत करती है। खाप पंचायत के निर्णयों को उन्होंने सर्व समाज के लिए मान्य बताते हुए कहा कि “एक-दूसरे का सम्मान करना भारत की पुरानी परंपरा है।”

उन्होंने दहेज, समलैंगिकता, लाइव-इन संबंध, मृत्यु भोज जैसी सामाजिक बहसों को समाजहित में बताया। मंत्री ने विवाह में हो रहे बेतहाशा खर्च, महंगे कार्डों और दिखावे पर रोक लगाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं के हितों पर खाप चौधरी सकारात्मक निर्णय लेंगे, और बच्चों में संस्कार तथा बुजुर्गों के सम्मान की भावना को मजबूत किया जाना चाहिए।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लागू की गई नई शिक्षा नीति 2020 को समाज को महापुरुषों से जोड़ने वाला कदम बताया और कहा,
“सर्वखाप का जो आदेश होगा, उसका पालन करने का पूरा प्रयास करूंगा।”

पंचायत स्थल पर विभिन्न गांवों की ओर से खीर, रसगुल्ला, जलेबी सहित व्यंजनों के बड़े–बड़े भंडारे लगाए गए। पुलिस व खुफिया विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था चाक–चौबंद रखी।
सोरम की यह ऐतिहासिक पंचायत सामाजिक एकता, परंपरा संरक्षण और भविष्य के सामाजिक निर्णयों की दिशा तय करने का महत्वपूर्ण मंच साबित हुई।

शाहपुर। सर्वखाप पंचायत में सोमवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने क्षेत्रीय गांवों द्वारा लगाए गए भंडारों का दौरा किया। दोनों नेताओं ने प्रत्येक भंडारे पर पहुंचकर आयोजकों से हाल-चाल जाना, व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और ग्रामीणों की तैयारियों की सराहना की। उन्होंने पंचायत स्थल पर पहुंचे लोगों से मुलाकात कर उनके, सुझाव और उम्मीदों को ध्यानपूर्वक सुना। भंडारों पर लोगों ने पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद चखाया और गांवों की सामूहिक भागीदारी की प्रशंसा की। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रही। डॉ. बालियान और मंत्री अग्रवाल ने पंचायत में शामिल भारी जनसमूह को समाजिक एकता का प्रतीक बताया।


शाहपुर। सर्वखाप पंचायत में सोमवार को सर्वखाप मंत्री चौधरी सुभाष बालियान को सर्वखाप की ओर से वैगन आर कार उपहार स्वरूप भेंट की गई। बताया गया कि खाप के कार्यों में सुविधा एवं आवागमन को सुचारू रखने के लिए सभी खापों के चौधरीयों ने मिलकर यह कार भेंट की है। पंचायत के मुख्य मंच पर उपस्थित विभिन्न खापों के चौधरियों ने सर्वखाप मंत्री को कार की चाबी सौंपकर उनका सम्मान किया खाप प्रतिनिधियों ने मंत्री के नेतृत्व की सराहना की।

शाहपुर। सर्वखाप पंचायत में पहुंची हरियाणा की मशहूर सिंगर रूमी चौधरी ने मंच पर अपनी प्रसिद्ध प्रस्तुति देकर सभी का दिल जीत लिया। उन्होंने बहन-बेटियों की सुरक्षा और सम्मान पर आधारित अपना मशहूर गीत गाया, जिसे सुनकर पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। रूमी चौधरी की सुरीली आवाज़ और भावनाओं से भरी प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी प्रस्तुति के दौरान महिलाओं और युवतियों ने भी उत्साह के साथ सहभागिता दिखाई। पंचायत में आए लोगों ने रूमी चौधरी का उत्साह बढ़ाते हुए तालियों से उनका स्वागत किया और उनके प्रयासों की सराहना की।











