
सोरम सर्वखाप पंचायत के अंतिम दिन 11 प्रस्ताव पारित, सामाजिक सुधार व नशामुक्ति पर खापों ने भरी हुंकार
सोरम सर्वखाप पंचायत के अंतिम दिन 11 प्रस्ताव पारित, सामाजिक सुधार व नशामुक्ति पर खापों ने भरी हुंकार
रिपोर्टर रविन्द्र कुमार

शाहपुर। सोरम में आयोजित सर्वखाप पंचायत के तीसरे और अंतिम दिन सामाजिक सुधार, परंपराओं के संरक्षण और युवा पीढ़ी को मार्गदर्शन देने पर केंद्रित ऐतिहासिक बैठक संपन्न हुई। दर्जनों खाप चौधरी, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी तथा हजारों ग्रामीणों की भागीदारी ने इस विशाल पंचायत को विशेष महत्व प्रदान किया। मंगलवार की सभा की अध्यक्षता सोमदत्त शर्मा हरियाणा ने की, जबकि संचालन ओमपाल मलिक ने संभाला।


अंतिम दिन पंचायत में धार्मिक व सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। भंडारा लगाने वाले आयोजकों और पत्रकारों को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। मंच पर सर्वखाप मंत्री चौधरी सुभाष बालियान ने अत्यंत महत्वपूर्ण 11 सूत्रीय प्रस्तावों को पढ़कर सुनाया, जिन्हें उपस्थित हजारों लोगों ने हाथ उठाकर सर्वसम्मति से मंजूर किया।
पहला प्रस्ताव मृत्यु भोज की कुप्रथा को समाप्त करने का था, जिसमें हवन और शोक सभा के बाद कार्यक्रम समापन की अपील की गई। दूसरा प्रस्ताव दहेज प्रथा और शादियों में बढ़ते दिखावे को खत्म करने पर केंद्रित था, जिसमें शादी दिन में करने, दहेज न लेने और अंगूठी की रस्म को सीमित करने का सुझाव दिया गया।
तीसरा प्रस्ताव नशाखोरी के खिलाफ सामाजिक जागरूकता अभियान चलाने का था। चौथा प्रस्ताव कन्या भ्रूण हत्या की बढ़ती प्रवृत्ति पर रोक और लैंगिक संतुलन बनाए रखने की दिशा में था। पांचवां प्रस्ताव लिव-इन रिलेशनशिप एवं समलैंगिक विवाह को भारतीय संस्कृति विरोधी बताते हुए इन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने हेतु सरकार से मांग का था।
छठा प्रस्ताव प्रेम विवाह में माता-पिता की सहमति को अनिवार्य करने की मांग करता है। सातवां प्रस्ताव शिक्षा, विशेषकर बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर देता है। आठवां प्रस्ताव पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण और जल संरक्षण पर केंद्रित रहा।
नवां प्रस्ताव गोवंश संरक्षण से संबंधित था। दसवें प्रस्ताव में पंचायत में युवाओं और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की अपील की गई। ग्यारहवें और अंतिम प्रस्ताव में ऐतिहासिक सर्वखाप पंचायत को हर 10 वर्ष में सोरम मुख्यालय पर आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
बालियान खाप के चौधरी नरेश टिकैत ने सभा को संबोधित करते हुए युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नशाखोरी के कारण 30% घरों के ताले बंद हो गए हैं, जो समाज के लिए गंभीर संकेत हैं। युवाओं से उन्होंने आग्रह किया कि वे नशा छोड़कर मुख्यधारा में लौटें, बुजुर्गों का सम्मान करें और समाज के विकास में भागीदारी निभाएं।
टिकैत ने सरकार से कृषि आधारित रोजगार गांव स्तर पर उपलब्ध कराने की मांग की, ताकि युवाओं का शहरों की ओर पलायन रुके और वे अपने परिवार तथा बुजुर्गों की देखभाल कर सकें।
अंत में उन्होंने पंचायत में आए सभी खाप चौधरी, ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का धन्यवाद कर इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने पर आभार व्यक्त किया।
सांसद हरेंद्र मलिक बोले — “समाज को जाति–धर्म में बाँटकर किया जा रहा शोषण”
शाहपुर। ग्राम सोरम में आयोजित सर्वजातीय सर्वखाप महापंचायत को संबोधित करते हुए सांसद हरेंद्र मलिक ने कहा कि आज समाज को जाति और धर्म के नाम पर विभाजित किया जा रहा है, जिससे समाज की शक्ति कमजोर होती है और शोषण बढ़ता है। उन्होंने कहा कि सर्वजातीय सर्वखाप महापंचायत का आयोजन सामाजिक समरसता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है और इससे भाईचारा मजबूत होगा।
सांसद ने वर्तमान समय की बढ़ती सामाजिक समस्याओं — नशाखोरी, दहेज प्रथा, मृत्यु भोज, तलाक आदि पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हर व्यक्ति यदि अपने भीतर सुधार लाए तो समाज स्वयं सुधार के मार्ग पर चल पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा महंगी होती जा रही है और कई स्थानों पर बच्चों के हाथों से किताबें छीनी जा रही हैं। उन्होंने मांग की कि 2014 से पहले की फीस प्रणाली को पुनः लागू किया जाए।
मलिक ने परंपराओं के क्षरण पर भी चिंता जाहिर की और कहा कि सर्वखाप पंचायत पुरानी परंपराओं को पुनर्जीवित करने तथा समाज में लागू करने का काम कर रही है। उन्होंने सगौत्रीय विवाह पर प्रतिबंध की पुरजोर वकालत करते हुए कहा कि एक गोत्र में जन्मे बेटी-बेटा भाई-बहन समान होते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर सनातन की बात करती है, वहीं दूसरी ओर समाज में नैतिक पतन बढ़ रहा है। सर्वखाप पंचायत समाज से बुराइयों को दूर करने का सराहनीय कार्य कर रही है।
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पूर्व विधायक प्रमोद उटवाल — “शादी–विवाह और मृत्यु भोज में बढ़ता खर्च बंद हो”
महापंचायत में संबोधित करते हुए पूर्व विधायक प्रमोद उटवाल ने समाज में फैली कुरीतियों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज शादी-विवाह, तिलक, दहेज और मृत्यु भोज में अंधाधुंध खर्च हो रहा है, जिससे सामान्य परिवार आर्थिक बोझ के तले दब रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि समाज ऐसे फिजूलखर्ची को रोक दे तो आमदनी बढ़ेगी, परिवार खुशहाल होंगे और सामाजिक तनाव भी कम होगा।
प्रमोद उटवाल ने बहनों-बेटियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि बेटियां सुरक्षित होंगी तभी वे समाज का नाम रोशन कर पाएंगी। उन्होंने विश्वास जताया कि सोरम में आयोजित यह सर्वजातीय सर्वखाप महापंचायत समाज से कुरीतियों को हटाने में अहम भूमिका निभाएगी।
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विधायक राजपाल सिंह बालियान — “चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत से मिली सीख समाज के काम आ रही”
रालोद विधान मंडल दल के नेता व क्षेत्रीय विधायक राजपाल सिंह बालियान ने कहा कि उन्होंने भाकियू के गठन काल से किसान मसीहा चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत के साथ लगभग दस वर्षों तक काम किया है।
उन्होंने कहा कि भाकियू संस्थापक व रालोद अध्यक्ष स्व. चौधरी अजीत सिंह और टिकैत साहब ने समाज में कुरीतियों के खिलाफ हमेशा आवाज उठाई और सुधार की राह दिखाई। उन्हीं के आशीर्वाद से वे 1996 में पहली बार विधायक बने।
राजपाल बालियान ने कहा कि दोनों महान नेताओं से मिली सीख को वह अपने सार्वजनिक जीवन और समाज के हित में लागू करने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि समय-समय पर सर्वजातीय सर्वखाप महापंचायतों का आयोजन समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने, आपसी भाईचारा मजबूत करने और सामाजिक सुधार की दिशा में अनिवार्य है।

शाहपुर। सोरम में आयोजित सर्वखाप पंचायत के दौरान सरदार भगत सेवा समिति के आमंत्रण पर सहारनपुर से पहुंचे शहीदे-ए-आज़म भगत सिंह के भतीजे किरणजीत सिंह का क्षेत्र में ऐतिहासिक, भव्य और अभूतपूर्व स्वागत किया गया। उनके आगमन पर क्षेत्रवासियों ने जिस उत्साह और सम्मान का प्रदर्शन किया, वह स्वतः ही शहीद भगत सिंह के प्रति लोगों की अपार श्रद्धा को दर्शाता है।

सबसे पहले उनका स्वागत धर्मपाल हॉस्पिटल शाहपुर पर डॉ. लोकेंद्र बालियान के नेतृत्व में किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने उपस्थित होकर उनका अभिनंदन किया। इसके बाद जोशीले युवाओं का एक विशाल काफिला ढोल–नगाड़ों की गूंज, जयघोष और देशभक्ति गीतों के साथ उन्हें सोरम की ओर लेकर चला। जिस रास्ते से उनका काफिला गुजरा, वहां लोगों ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया। सोरम के मुख्य मार्ग पर प्रवेश करते ही ग्रामीणों ने जगह-जगह खड़े होकर उन पर पुष्पवर्षा की। पूरा वातावरण “शहीद भगत सिंह अमर रहें” के नारों से गूंज उठा और माहौल देशभक्ति की भावना से सराबोर हो गया।

सोरम के पूर्व प्रधान सुधीर चौधरी ने किरणजीत सिंह को माला पहनाकर स्वागत किया और कहा कि देश सदैव शहीद-ए-आजम भगत सिंह का ऋणी रहेगा। उनके बलिदान ने आजादी की लड़ाई को नई दिशा दी और उनके परिवार का त्याग सदियों तक याद किया जाता रहेगा।

सर्वखाप पंचायत के मुख्य मंच पर पहुंचने से पूर्व किरणजीत सिंह ने किसान मसीहा भाकियू संस्थापक चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत और सर्वखाप मंत्री चौधरी कबूल सिंह की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके इस कदम को उपस्थित लोगों ने गौरव का क्षण बताते हुए सराहा।

महापंचायत को संबोधित करते हुए किरणजीत सिंह ने कहा कि आज़ादी के बाद समाज कई नई चुनौतियों से जूझ रहा है। अब लड़ाई गोरों से नहीं, बल्कि सामाजिक कुरीतियों—अंधविश्वास, धर्मांधता और आपसी विभाजन—से है। उन्होंने कहा कि सर्वखाप महापंचायत को इन बुराइयों को मिटाने के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने यह भी दोहराया कि उनके परिवार ने किसानों के हितों के लिए संघर्ष किया, जिसके परिणामस्वरूप “पगड़ी संभाल जट्टा” जैसा प्रेरणादायक नारा जन्मा। यह नारा आज भी किसानों की अस्मिता और संघर्ष का प्रतीक है।

उन्होंने शहीदे-ए-आजम भगत सिंह की विचारधारा, उनके संघर्ष, नौजवान भारत सभा के गठन और स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि लाला लाजपत राय की हत्या का बदला शहीद भगत सिंह ने निर्भीकता से लेकर यह साबित किया कि अत्याचार का प्रतिकार करना भी देशभक्ति है। उन्होंने यह भी कहा कि किसान और मजदूर एकजुट होकर चलें तो समाज से हर लड़ाई जीती जा सकती है।
इस अवसर पर भूपेंद्र सिंह,विजय हिंदुस्तानी, मनीष चौधरी, बलिंदर बालियान, सुधीर प्रधान गोयला, रिटायर्ड सूबेदार सुरेंद्र सिंह, प्रमोद कुमार, राजीव कुमार, जसपाल सिंह, देशवीर सिंह, सोनू, रविंद्र कुमार, सीटू बालियान सहित क्षेत्र के सैकड़ों लोग उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम में देशभक्ति, सम्मान और सामाजिक एकता का अद्भुत संगम देखने को मिला।











