सोरम सर्वखाप महापंचायत में उमड़ा जनसैलाब, हवन-पूजन के साथ हुआ शुभारंभ, स्वामी ओमानंद ने किया प्रतिमा अनावरण, विभिन्न खापों के चौधरी व धर्माचार्य रहे उपस्थित

सोरम सर्वखाप महापंचायत में उमड़ा जनसैलाब, हवन-पूजन के साथ हुआ शुभारंभ, स्वामी ओमानंद ने किया प्रतिमा अनावरण, विभिन्न खापों के चौधरी व धर्माचार्य रहे उपस्थित

रिपोर्टर रविन्द्र कुमार

शाहपुर। सोरम में आयोजित सर्वखाप महापंचायत का शुभारंभ रविवार सुबह पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ हुआ। पंचायत शुरू होने से पूर्व सर्वप्रथम चौधरी कबूल सिंह व चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत के स्मारक स्थल पर विधि-विधानपूर्वक हवन-पूजन किया गया। हवन के ब्रह्मा मास्टर सुरेंद्र सिंह तथा यजमान चौधरी अमित सरपंच रहे। हवन पूर्ण होने के बाद धर्माचार्यों तथा समस्त खापों के प्रतिनिधियों ने शांति एवं समृद्धि की कामना की।

इसके उपरांत शुकतीर्थ आश्रम शुक्रताल के पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद जी महाराज ने किसान मसीह स्वर्गीय चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की प्रतिमा का अनावरण किया। प्रतिमा अनावरण के समय हजारों किसान मौजूद रहे, जिन्होंने तालियों की गड़गड़ाहट और जयघोष के साथ किसान नेता को श्रद्धांजलि दी। प्रतिमा का अनावरण करते ही पूरा वातावरण भावनाओं से भर गया।

स्वामी ओमानंद जी महाराज पंडाल में पहुँचे और सर्वजातीय सर्वखाप महा सम्मेलन का शुभारंभ किया। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि “स्वर्गीय महेंद्र सिंह टिकैत ने सोई हुई किसान कौम को जगाने का काम किया था। उन्होंने किसानों को एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने की शिक्षा दी, उनका जीवन संघर्ष, सत्य, साहस और संगठन का जीवंत उदाहरण था। उनके आदर्श सदैव हमें अन्याय के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा देते रहेंगे।” स्वामी जी ने कहा कि समाज तभी प्रगति कर सकता है जब उसके लोग समानता, एकता और परस्पर सहयोग को प्राथमिकता दें।

इस अवसर पर पंच में पधारे विभिन्न खापों के चौधरी, थांबेदार एवं पदाधिकारियों को सोरम की ऐतिहासिक चौपाल का छायाचित्र और पगड़ी बांधकर सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह ने वातावरण को गौरवपूर्ण बना दिया।

सम्मेलन को दीपक शरण, बाबा राजपाल, चौधरी गजेंद्र अहलावत, अशोक खत्री (सोनीपत), चौधरी युद्धवीर सिंह, भोपाल सिंह पाँचली, मयंक चौहान, संजीव मलिक, विधायक पंकज मलिक, पवन खटाना सहित कई अन्य प्रमुख वक्ताओं ने संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने किसानों की एकता, सामाजिक सद्भाव और टिकैत साहब के सिद्धांतों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

विभिन्न खापों और समाजों से भारी संख्या में प्रतिनिधि महापंचायत में पहुंचे। इनमें ब्राह्मण समाज गठवाला खाप के बाबा सतेंद्र शर्मा, चौधरी गजेंद्र अहलावत, सोनीपत जटवाड़ा से अशोक खत्री, मुरादाबाद से देवेंद्र सिंह जटराणा, राहुल काजला, घणघस खाप से चौधरी सुखपाल सिंह, संयुक्त गुर्जर परिसंघ, मेरठ के अध्यक्ष भोपाल सिंह, डॉ. दीपक सरन, डॉ. विनोद कुमार, राजकुमार, चौधरी योगेंद्र पंवार, कल्लू पहलवान, झुंझुनू से अजय खिच्चड़, सुभाष कुंडू, हरियाणा के सतरोल खाप के फूल कुमार पेटवाड़, कर्मवीर कालीरमण, पंडित सुभाष भारद्वाज, पंडित ओमकार दत्त भारद्वाज, चौधरी यशपाल सिंह, वीरेंद्र शर्मा आदि प्रमुख रहे।

महापंचायत की अध्यक्षता हरियाणा के चौधरी हुकुम सिंह लाढौत ने की, जबकि संचालन श्री शुकदेव आश्रम ट्रस्टी ओमदत्त आर्य देव ने किया। पूरे मंच संचालन के दौरान अनुशासन और गरिमा का विशेष ध्यान रखा गया।

इस विशाल पंचायती आयोजन में फेडरेशन ऑफ मुस्लिम जाट एसोसिएशंस के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशु चौधरी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। उनके आगमन से आयोजन का दायरा और भी व्यापक होता दिखाई दिया।

कार्यक्रम की विशेषता रही कि राजस्थान के जोधपुर से आए नीका पंथ के पीठाधीश्वर आचार्य राम निवास महाराज भी महापंचायत में पधारे। उनके आगमन का उपस्थित जनसमूह ने उत्साहपूर्ण स्वागत किया।

सोरम की यह ऐतिहासिक सर्वखाप महापंचायत न सिर्फ किसानों की एकजुटता का प्रतीक बनी, बल्कि विभिन्न समाजों और खापों के बीच आपसी सम्मान और सहयोग का संदेश भी देकर गई

 

 

शाहपुर। सोरम में आयोजित सर्वखाप पंचायत में दूर-दराज़ से पहुंचे अतिथियों के स्वागत हेतु दो दर्जन से अधिक भंडारों का भव्य आयोजन किया गया। विभिन्न गांवों से आए समाजसेवियों ने अपनी सहभागिता निभाते हुए गोयला, शाहजुद्दी, रसूलपुर, काकड़ा सहित अनेक स्थानों से भंडारे लगाए। इस बीच गठवाला खाप के चौधरी राजेंद्र सिंह ने जहां पंचायत में अपनी खाप की भागीदारी से इंकार किया था, वहीं उनकी खाप के कई थांबेदारों ने पहुंचकर सक्रिय योगदान दिया।

गठवाला खाप के विशाल भंडारे का उद्घाटन स्वामी ओमानंद जी महाराज ने विधिवत किया। वैदिक कन्या इंटर कॉलेज में लगे इस भंडारे में सुबह से ही लोगों की भारी भीड़ उमड़ती रही और सैकड़ों लोगों ने स्वादिष्ट प्रसाद ग्रहण किया। भंडारों की इस श्रृंखला ने न केवल पंचायत में आने वाले मेहमानों का स्वागत किया, बल्कि क्षेत्रीय एकता और सामाजिक समरसता का सुंदर उदाहरण भी प्रस्तुत किया।

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सोरम सर्वखाप पंचायत में लोक संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत का अनोखा संगम

सोरम में आयोजित सर्वखाप पंचायत में रविवार को संस्कृति और परंपरा का अनूठा मिश्रण देखने को मिला। बुलंदशहर के चंदन की मढ़िया से पहुँची मां सतपाल सिंह की टीम ने अपने लोकगीत, होली वादन और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुनों से पूरे माहौल को रंगमय कर दिया। उनके मधुर गीतों ने ग्रामीणों और आए अतिथियों का मन मोह लिया। वही दुसरी टीम द्वारा प्रस्तुत कठपुतली खेल कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा, जिसे बच्चों के साथ-साथ बुजुर्गों ने भी बेहद पसंद किया। कठपुतलियों की जीवंत प्रस्तुतियों ने पुराने समय की लोककला को एक बार फिर जीवंत कर दिया।
बीन बाज व रणसिंघा लोगो के आकर्षण का केंद्र रहा।

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इसी दौरान सैकड़ों लोग सोरम की ऐतिहासिक चौपाल पर पहुँचे, जहाँ उन्होंने इसके समृद्ध इतिहास की जानकारी स्थानीय ग्रामीणों से प्राप्त की। चौपाल की अनोखी बनावट और वर्षों पुरानी परंपराओं की झलक ने आगंतुकों का ध्यान खींचा। शहीद भगत सिंह सेवा समिति के सदस्यों द्वारा चौपाल पर की गई लाइटिंग ने इसकी सुंदरता को कई गुना बढ़ा दिया। शाम के समय रंग-बिरंगी रोशनी से निखरी चौपाल का दृश्य देखने लायक था।

इस प्रकार, पंचायत में लोक संस्कृति, इतिहास और कला का संगम देखने को मिला, जिसने उपस्थित लोगों को एक यादगार अनुभव प्रदान किया।


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